वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद (FSDC)

वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद (FSDC)

वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद (FSDC) की स्थापना वर्ष 2010 में की गई थी। यह केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत एक शीर्ष गैर-सांविधिक (Non-Statutory) परिषद है। इसका प्रमुख उद्देश्य देश की वित्तीय प्रणाली की स्थिरता को सुदृढ़ करना है।

FSDC की संरचना

FSDC की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा की जाती है। इसके प्रमुख सदस्यों में शामिल हैं—

  • भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर
  • सेबी (SEBI), IRDAI, PFRDA और IBBI के अध्यक्ष
  • संबंधित मंत्रालयों/विभागों के सचिव
  • मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA)

FSDC के प्रमुख कार्य

  • संपूर्ण वित्तीय प्रणाली की स्थिरता सुनिश्चित करने हेतु समन्वय स्थापित करना
  • विभिन्न वित्तीय नियामक संस्थाओं के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करना
  • वित्तीय क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देना
  • वित्तीय समावेशन एवं वित्तीय साक्षरता को सुदृढ़ करना

FSDC की उप-समिति (FSDC-SC)

FSDC को सहयोग प्रदान करने के लिए RBI गवर्नर की अध्यक्षता में एक उप-समिति का गठन किया गया है।

  • यह उप-समिति वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (FSR) को सुझाव देती है
  • वित्तीय प्रणाली से जुड़े संभावित जोखिमों पर चर्चा करती है
  • इसकी बैठकें पूर्ण FSDC की तुलना में अधिक बार आयोजित होती हैं

हालिया घटनाक्रम

हाल ही में RBI गवर्नर की अध्यक्षता में FSDC की उप-समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में—

  • वैश्विक एवं घरेलू समष्टि-आर्थिक तथा वित्तीय परिदृश्य की समीक्षा की गई
  • अंतर-नियामक समन्वय को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया
  • वैश्विक स्पिलओवर प्रभाव, साइबर खतरों और जलवायु परिवर्तन जैसी उभरती चुनौतियों के संदर्भ में वित्तीय स्थिरता से जुड़े संभावित जोखिमों का आकलन किया गया

FSDC : पृष्ठभूमि एवं उद्देश्य

  • FSDC एक असांविधिक सर्वोच्च परिषद है, जिसका गठन कार्यपालक आदेश के माध्यम से वर्ष 2010 में किया गया
  • रघुराम राजन समिति (2008) ने सर्वप्रथम FSDC के गठन का सुझाव दिया था
  • इसका उद्देश्य—
    • व्यापक आर्थिक एवं वित्तीय विकास की निगरानी करना
    • वित्तीय स्थिरता से जुड़े जोखिमों का मूल्यांकन करना
    • वित्तीय नियामकों के बीच समन्वय को मजबूत करना
    • वित्तीय समावेशन और वित्तीय विकास को प्रोत्साहित करना

FSDC उप-समिति की संरचना

FSDC की उप-समिति में शामिल होते हैं—

  • FSDC के सभी सदस्य
  • RBI के चार डिप्टी गवर्नर
  • आर्थिक कार्य विभाग (DEA) के अतिरिक्त सचिव