
चर्चा में क्यों?
भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc, बेंगलुरु) के प्रोफेसर डॉ. अंबरीश घोष ने विकसित चुंबकीय नैनोरोबोट्स ने कैंसर उपचार (Cancer Treatment) के क्षेत्र में नई क्रांति ला दी है। यह तकनीक टारगेटेड थेरेपी (Targeted Therapy) और पर्सनलाइज्ड मेडिसिन (Personalized Medicine) के लिए एक शक्तिशाली उपकरण साबित हो रही है।
कैंसर और पारंपरिक उपचार की चुनौती
- कैंसर (Cancer) एक ऐसी गंभीर बीमारी है, जिसमें कोशिकाएँ अनियंत्रित रूप से बढ़ती हैं और आसपास के स्वस्थ ऊतकों (Healthy Tissue) को प्रभावित करती हैं।
- कीमोथेरेपी (Chemotherapy) और रेडियोथेरेपी (Radiotherapy) जैसी पारंपरिक उपचार पद्धतियाँ अक्सर पूरे शरीर को प्रभावित करती हैं, जिससे साइड इफेक्ट्स (Side Effects) और जीवन-गुणवत्ता (Quality of Life) में कमी आती है।
चुंबकीय नैनोरोबोट्स क्या हैं?
- नैनोरोबोट्स (Nanorobots) अत्यंत सूक्ष्म यंत्र हैं, जो रक्त प्रवाह (Blood Flow), घने ऊतक (Dense Tissue) और कोशिकाओं (Cells) के बीच से आसानी से गुजर सकते हैं।
ये पारंपरिक दवाओं की तरह पूरे शरीर में नहीं फैलते, बल्कि सीधे ट्यूमर (Tumor) तक पहुँचकर लक्षित उपचार (Targeted Drug Delivery) प्रदान करते हैं। - इनकी कुंडलाकार (Helical) पूंछ स्क्रू की तरह घूम कर ऊतकों के भीतर प्रवेश करती है और चुंबकीय नियंत्रण (Magnetic Control) के माध्यम से वैज्ञानिक गति (Movement), दिशा (Direction) और लक्ष्य (Target) को नियंत्रित कर सकते हैं।
नैनोरोबोट्स का निदान और उपचार में उपयोग
- इन चुंबकीय नैनोरोबोट्स को MRI स्कैन (MRI Imaging) में बीकन (Beacon) की तरह देखा जा सकता है, जिससे ट्यूमर का सटीक स्थान (Precise Tumor Location) पता चलता है।
- रीयल-टाइम मॉनिटरिंग (Real-Time Monitoring) से उपचार की सटीकता (Accuracy) बढ़ती है।
ये नैनोरोबोट्स केवल दवा वितरण (Drug Delivery) का माध्यम नहीं हैं, बल्कि कैंसर कोशिकाओं (Cancer Cells) को सीधे नष्ट (Destroy) कर सकते हैं।
चुंबकीय हाइपरथर्मिया (Magnetic Hyperthermia)
- चुंबकीय नैनोरोबोट्स बाहरी चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) की मदद से लक्षित क्षेत्र में 42°C से अधिक तापमान (Temperature) उत्पन्न कर सकते हैं।
इस प्रक्रिया को चुंबकीय हाइपरथर्मिया कहते हैं, जो केवल कैंसर कोशिकाओं (Cancer Cells) को नष्ट करता है, जबकि स्वस्थ ऊतक (Healthy Tissue) सुरक्षित रहते हैं।
उपचार की प्रभावशीलता और संभावनाएँ
- शोधों से पता चला है कि ये नैनोरोबोट्स विशेष रूप से स्तन कैंसर (Breast Cancer) और अंडाशय कैंसर (Ovarian Cancer) के उपचार में प्रभावी हैं।
ये घने ऊतक (Dense Tissue Tumors) में भी पहुंच सकते हैं, जो आधुनिक इमेजिंग तकनीक (Imaging Technology) में दिखाई नहीं देते। - इसके अलावा, रूट कैनाल संक्रमण (Root Canal Infection) और एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी बैक्टीरिया (Antibiotic-Resistant Bacteria) के उपचार में भी ये प्रभावी हैं। दांतों के पुनर्निर्माण (Dental Regeneration) और खनिज पुनर्भरण (Mineral Restoration) में भी इनका उपयोग हो रहा है।
भविष्य की दिशा और स्टार्टअप योजना
- डॉ. अंबरीश घोष के पास इस तकनीक से जुड़े कई अमेरिकी पेटेंट (US Patents) हैं।
वे इसे वाणिज्यिक रूप (Commercialization) देने और वैश्विक स्तर (Global Scale) पर लागू करने हेतु अपना स्टार्टअप (Startup) शुरू करने की योजना बना रहे हैं। - यह नवाचार (Innovation) भविष्य में कैंसर उपचार (Cancer Therapy) और अन्य चिकित्सा क्षेत्रों (Medical Fields) में क्रांतिकारी परिवर्तन (Revolutionary Change) ला सकता है।




