पंखुड़ी पोर्टल: महिला एवं बाल विकास के लिए एक नई डिजिटल क्रांति | Pankhudi CSR Portal

पंखुड़ी पोर्टल: महिला एवं बाल विकास के लिए एक नई डिजिटल क्रांति | Pankhudi CSR Portal

पंखुड़ी पोर्टल: महिला एवं बाल विकास के लिए एक नई डिजिटल क्रांति | Pankhudi CSR Portal


भारत सरकार ने महिलाओं और बच्चों के कल्याण, संरक्षण और सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा ‘पंखुड़ी’ (Pankhudi) नामक एक एकीकृत डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया गया है। यह पोर्टल न केवल कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) को सुव्यवस्थित करेगा, बल्कि जन-भागीदारी के माध्यम से राष्ट्र निर्माण को नई गति देगा।

पंखुड़ी पोर्टल क्या है? (What is Pankhudi Portal?)

  • पंखुड़ी एक ‘सिंगल विंडो’ डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे महिला एवं बाल विकास पहलों में पारदर्शिता, समन्वय और हितधारकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विकसित किया गया है।
  • 8 जनवरी 2026 को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने इस पोर्टल का शुभारंभ किया। यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘प्रौद्योगिकी से पारदर्शिता’ और ‘जन-भागीदारी’ के विजन को धरातल पर उतारने का एक सशक्त माध्यम है।

पोर्टल के प्रमुख हितधारक (Key Stakeholders)

पंखुड़ी पोर्टल विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों और संस्थानों को एक साझा मंच पर लाता है:

  • कॉर्पोरेट संस्थाएं: सीएसआर (CSR) योगदान के माध्यम से।
  • अनिवासी भारतीय (NRI): मातृभूमि के विकास में योगदान के लिए।
  • गैर-सरकारी संगठन (NGO): कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में।
  • व्यक्तिगत योगदानकर्ता: स्वैच्छिक सेवा और सहायता के लिए।
  • सरकारी एजेंसियां: केंद्र और राज्य स्तर पर बेहतर तालमेल के लिए।

प्रमुख मिशन और प्राथमिकता वाले क्षेत्र

पंखुड़ी पोर्टल मंत्रालय के तीन प्रमुख मिशनों को सीधे मजबूती प्रदान करता है:

मिशन का नाम मुख्य उद्देश्य
मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 कुपोषण मुक्त भारत और बाल स्वास्थ्य।
मिशन शक्ति महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण और सशक्तिकरण।
मिशन वात्सल्य बच्चों का कल्याण, संरक्षण और पुनर्वास।

इन क्षेत्रों में होगा विशेष कार्य:

  • प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE)
  • महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण
  • बुनियादी ढांचे का विकास (आंगनवाड़ी और वन स्टॉप सेंटर)
  • स्वास्थ्य और पोषण सहायता

पंखुड़ी पोर्टल की मुख्य विशेषताएं

  1. पूर्ण पारदर्शिता: पोर्टल के माध्यम से किए जाने वाले सभी योगदान केवल गैर-नकदी (Non-cash) माध्यमों से स्वीकार किए जाते हैं, जिससे वित्तीय पारदर्शिता बनी रहती है।
  2. एंड-टू-एंड ट्रैकिंग: योगदानकर्ता पंजीकरण करने से लेकर अपने प्रस्ताव की स्थिति (Approval Status) तक की जानकारी लाइव ट्रैक कर सकते हैं।
  3. डिजिटल इंटरफेस: यह सीएसआर और स्वैच्छिक योगदान के लिए एक सामान्य इंटरफेस प्रदान करता है, जिससे प्रक्रिया सरल और तेज हो जाती है।
  4. निगरानी एवं जवाबदेही: कार्यान्वयन एजेंसियों और सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करता है।

इसका समाज पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

पंखुड़ी पोर्टल केवल एक तकनीकी मंच नहीं है, बल्कि यह करोड़ों नागरिकों के जीवन को सुगम बनाने का एक माध्यम है। इससे निम्नलिखित संस्थानों की सेवाओं में सुधार होगा:

  • 14 लाख+ आंगनवाड़ी केंद्र
  • 5,000+ बाल देखभाल संस्थान
  • 800+ वन स्टॉप सेंटर (OSC)
  • 500+ शक्ति निवास और 400+ शक्ति सदन

इसके माध्यम से बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का आधुनिकीकरण होगा और जमीनी स्तर पर सेवाएं अधिक प्रभावी बनेंगी।

निष्कर्ष

‘पंखुड़ी’ पोर्टल का शुभारंभ डिजिटल इंडिया और महिला सशक्तिकरण के संगम का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह पारदर्शिता और तकनीक के माध्यम से सामाजिक निवेश को सही दिशा में मोड़ने का काम करेगा। यदि आप एक कॉर्पोरेट इकाई, NGO या एक जागरूक नागरिक हैं, तो आप इस पोर्टल के माध्यम से भारत की अगली पीढ़ी के भविष्य को संवारने में अपना योगदान दे सकते हैं।

“प्रौद्योगिकी जब जन-भागीदारी से मिलती है, तो वह केवल विकास नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन लाती है।”